क्यों बात बात में मां बाप का टोकना हमें अखरता है, कभी सोचा है ?

बात बात में मां बाप का टोकना हमें अखरता है । हम भीतर ही भीतर झल्लाते है कि कब इनके टोकने की आदत से हमारा पीछा जुटेगा । लेकिन हम ये भूल जाते है कि उनके टोकने से जो संस्कार हम ग्रहण कर रहे हैं, उनकी जीवन में क्या अहमियत है । इसी पर एकContinue reading “क्यों बात बात में मां बाप का टोकना हमें अखरता है, कभी सोचा है ?”

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