जैसा कि हम सभी को पता है कि अभी तक कोरोना संक्रमण की कोई भी दवा नही बनी सकी है और दुनियाँ भर के वैज्ञानिक रात-दिन इसी प्रयासरत है कि जल्द से जल्द इस महामारी की दवा बन कर इसका उपचार संभव हो सके।
ऐसी अवस्था में आज हमें यह जानना बहुत आवश्यक है कि अभी तक जो भी लोग इस लाइलाज महामारी, कोरोना से स्वस्थ हुए है वह सिर्फ और सिर्फ अपनी स्वयं की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी, साधारण शब्दों में हम इसे शरीर की वह शक्ति जो रोगों से लड़ने का काम करती है और हमें उनसे बचाती है के रूप में जानते है) से ही ठीक हुए है। अधिकांश लोगों की ऐसी धारणा है कि यह महामारी एक बार तो सबको ही होनी है और जिसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) अधिक/अच्छी होगी वह सुरक्षित रहेगा और जिसकी कम/अच्छी नहीं होगी वह नहीं बचेगा, अर्थात हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) ही कोरोना की वास्तविक दवाई है।
यदि हम इस महामारी को मात देना चाहते है तो हम सभी को अपना सारा ध्यान अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाने पर केंद्रित करना होगा।
हमे यह जानने/सीखने की परम आवश्यकता है कि किस-किस खाद्य पदार्थ एवं आचार-विचार से रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ती है और किस-किस से घटती है….!!
प्रथम रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने वाले खाद्य पादर्थ एवं आचार-विचार पर ध्यान देते है;
- योग, प्राणायाम एवं ध्यान
- व्यायाम या कोई शारीरिक खेल
- घर का बना ताज़ा एवं शुद्ध शाकाहारी भोजन
- आंवला (किसी भी रूप में)
- फल (खासकर खट्टे फल)
- हरी सब्जियाँ
- दालें
- गुड़ एवं शक्कर
- शुद्ध तेल कोई भी (रिफाइंड बिल्कुल नहीं)
- तुलसी व अन्य आयुर्वेदिक पेय पदार्थ।
- दूध और दूध से निर्मित दही, मक्खन, लस्सी, घी इत्यादि।
- सूर्य की रोशनी में सवेरे तेल मालिश करने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विटामिन-डी रोग प्रतिरोधकता के लिए महवपूर्ण कारक है।
- सब्जियों का सूप पीना रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को तो बढ़ाता ही है, सर्दी-जुकाम आदि विकारों में भी बहुत लाभकारी है।
- दिन में कम से कम दो बार गर्म पानी और काढ़े का सेवन करने से भी रोग-प्रतिरोधकता में वृद्धि होती है।
शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) घटाने वाले खाद्य पदार्थ एवं आचार-विचार;
- मैदा (सबसे विनाशकारी पदार्थ, किसी भी रूप मे जैसे ब्रेड, नान, भटूरे, बर्गर, पिज़्ज़ा, जलेबी, समोसा, कचोरी, पाव (पाव भाजी वाला) इत्यादि बिल्कुल भी न खाए।
- रिफाइंड आयल बिल्कुल न खाए।
- चीनी बिल्कुल नहीं खाए इसके स्थान पर गुड़ , शकर, खांड़ खाए।
- मासाहारी एवं बाहर का कोई भी जंक फूड न खाएं।
- मैदा और चीनी से बने खाद्य पदार्थ/व्यवज़ बिल्कुल न खाएं जैसे बर्गर, पिज़्ज़ा, जलेबी इत्यादि।
- एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना बनाना और खाना तुरंत बन्द करें।
- कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम आदि ठंडे पादर्थ का सेवन बिल्कुल नहीं करें।
- पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों को न खाए या कम से कम खाए।
- रात को देर से भोजन करना और देर रात तक टेलीविजन, कंप्यूटर और मोबाइल आदि का उपयोग करने से बचें।
- सुबह देर तक सोना और दोपहर तक भूखे पेट रहना, इस दिनचर्या में सुधार करें।
- ठंडा भोजन करने से भी रोग-प्रतिरोधकता कम होती है।
- अत्याधिक शारीरिक या मानसिक कार्य करना और उसके अनुरूप अच्छी नींद/पूर्व विश्राम नहीं करना अर्थात कम सोना भी इस क्षमता के स्तर में गिरावट लाता है।
इस तरह इन बातों को अपनाकर आप अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को इतना मजबूत बना सकते हो कि आप कोरोना को भी सहजता से मात दे सको।
यह बात ध्यान रहे कि अभी तक आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता अर्थात इम्युनिटी ही कोरोना का एकमात्र उपचार एवं समाधान है….!
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